सुर - ताल एक सांस्कृतिक संध्या
जोडियक इंटरटेनमेंट ने नव वर्ष के प्रथम शनिवार यानि ३ जनवरी २०१५ को एस. एन. डी. टी. सभागृह मे सुर - ताल सांस्कृतिक संध्या का सफल आयोजन किया । सुर - ताल कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष २०१३ में पूर्वजों को श्रद्धांजलि , अच्छे गीत- संगीत व नृत्य को लोगों तक पहुँचाने एवं नई प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराने हेतु सुप्रसिद्ध गीतकार एवं स्थापित वॉइस ओवर कलाकार श्री राजेश जौहरी के संरक्षण में की गयी।
जोडियक इंटरटेनमेंट ने नव वर्ष के प्रथम शनिवार यानि ३ जनवरी २०१५ को एस. एन. डी. टी. सभागृह मे सुर - ताल सांस्कृतिक संध्या का सफल आयोजन किया । सुर - ताल कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष २०१३ में पूर्वजों को श्रद्धांजलि , अच्छे गीत- संगीत व नृत्य को लोगों तक पहुँचाने एवं नई प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराने हेतु सुप्रसिद्ध गीतकार एवं स्थापित वॉइस ओवर कलाकार श्री राजेश जौहरी के संरक्षण में की गयी।
इस वर्ष कार्यक्रम की शुरुआत बेबी सान्वी वर्मा के गणेश वंदना पर कत्थक नृत्य के साथ हुई। बाद में रतिका जौहरी ने अपने कर्णप्रिय आवाज़ से लोगों का दिल मोह लिया। उनके साथ गाने की कमान अक्षत पारिख ने संभाली और अपनी बहुआयामी आवाज़ के जरिये दर्शकों के दिल पर छा गए।
कार्यक्रम का संचालन प्रतिष्ठित लेखिका श्रीमती अर्चना जौहरी ने बड़ी कुशलता से किया। अच्छे नृत्य , संगीत एवं गायन के बीच उनकी वाकपटुता ने लोगों को बंधे रखा।
राशि जौहरी एवं अमित सोलंकी के नृत्य ग्रुप ने विभिन्न कर्णप्रिय गीतों पे अदभुत नृत्य प्रस्तुत करके दर्शकों को अभिभूत कर दिया। राशि जौहरी एवं अमित की टीम के मोहित भाटिया, राधिका मलप, भव्य शाह, निशिता राठोड एवं वेदांत ने मंच पर बिजली के फुर्ती के साथ लय और ताल का निर्वाह किया , जिससे दर्शक झूम उठे। बेबी सान्वी वर्मा के द्वारा प्रस्तुत नृत्य "मधुवन में राधिका नाचे रे " को भी दर्शकों ने बेहद सराहा।
इस महानगर की आपा - धापी भरे जीवन में सुर - ताल जैसे कार्यक्रम को दर्शकों तक पहुँचाने के लिए जोडियक एंटरटेनमेंट के साथ - साथ एक्सपर्ट म्यूजिक एण्ड एंटरटेनमेंट , सुरसंगम इलेक्ट्रॉनिक्स ,
अलंकार एंटरटेनमेंट और भाषा अकादमी भी साधुवाद के अधिकारी हैं। ऐसे कार्यक्रम का आयोजन नई प्रतिभाओं को आगे लाने की दिशा में बेहद सराहनीय प्रयास है।
संजय वर्मा
Its a perfect composition !!!
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