सपनों की उड़ान .......
हम जब कभी अपनी ज़िन्दगी के बीते हुए पन्नो को पलटते हैं तो पाते हैँ कि कई बातें ऐसे ही घट गईं जीवन में। हम जितना विश्लेषण करते हैं उतना उलझते जाते हैं। लेकिन हक़ीक़त यही है की जीवन में कुछ भी व्यर्थ नहीं घटित होता। सब विधि का विधान है वह पूर्व निर्धारित होता है। हम जो भी आज हैं वो अपने पूर्व जनम के कर्मो की वज़ह से हैं। जो भी सफलता या असफलता आज हमारे हिस्से में आई है वो तो होना ही था। हमारे बस में कर्म है हमें वो नहीं छोड़ना चाहिए.... फल पे हमारा कोई जोर नहीं है।
एक विचारधारा ये है तोह दूसरी विचारधारा ये भी है आप जो चाहेंब्गे वही आपके साथ होगा आपकी सोंच आपका भविष्य निर्धारित करती है। अगर ये माने तो सिर्फ यही बात समझ में आती है कि सकारात्मक सोंच आपके तक़दीर का रूख बदल सकती है.... हम अपने भाग्य के विधाता खुद हैं। हम जो चाहेंगे वही होगा क्योंकि अगर आपके सपने में विश्वास का समावेश है तो पूरी कायनात आपके साथ आपके सपने को सच करने में जुट जाएगी.... बशर्ते आपको अपने सपनो के प्रति सच्ची श्रद्धा हो…
हम जब कभी अपनी ज़िन्दगी के बीते हुए पन्नो को पलटते हैं तो पाते हैँ कि कई बातें ऐसे ही घट गईं जीवन में। हम जितना विश्लेषण करते हैं उतना उलझते जाते हैं। लेकिन हक़ीक़त यही है की जीवन में कुछ भी व्यर्थ नहीं घटित होता। सब विधि का विधान है वह पूर्व निर्धारित होता है। हम जो भी आज हैं वो अपने पूर्व जनम के कर्मो की वज़ह से हैं। जो भी सफलता या असफलता आज हमारे हिस्से में आई है वो तो होना ही था। हमारे बस में कर्म है हमें वो नहीं छोड़ना चाहिए.... फल पे हमारा कोई जोर नहीं है।
एक विचारधारा ये है तोह दूसरी विचारधारा ये भी है आप जो चाहेंब्गे वही आपके साथ होगा आपकी सोंच आपका भविष्य निर्धारित करती है। अगर ये माने तो सिर्फ यही बात समझ में आती है कि सकारात्मक सोंच आपके तक़दीर का रूख बदल सकती है.... हम अपने भाग्य के विधाता खुद हैं। हम जो चाहेंगे वही होगा क्योंकि अगर आपके सपने में विश्वास का समावेश है तो पूरी कायनात आपके साथ आपके सपने को सच करने में जुट जाएगी.... बशर्ते आपको अपने सपनो के प्रति सच्ची श्रद्धा हो…
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ReplyDeleteआपके के इस सोच से मैं वाकिफ रखता हूँ ।
ReplyDeleteमुझे इस वक्त - एक बहुत ही विख्यात हिंदी कवि और लेखक श्री हरिवंश राय बच्चन की पंक्तियाँ याद आ रही है - वो कहते थे -
"मन का तो अच्छा , न हो तो ज्यादा अच्छा। "
बड़ा ही अटपटा सा सुनने में लगता है। मगर इनके पीछे सोच देखि जाये तो - शब्दों की गहराई का ऐहसास होता है।
उनके कहने का अर्थ था जैसा की मैंने पढ़ा है -
इस लिए ज्यादा अच्छा -
क्युंकि फिर वो ईश्वर के मन का होता है।
और
ईश्वर, आपका हमेशा अच्छा ही चाहेंगे।
बहुत ही सरल शब्दों में उन्होंने बहुत बड़ी बात केह दी।