Wednesday, 7 January 2015

                                                     सपनों की उड़ान .......

 हम जब कभी अपनी ज़िन्दगी के बीते हुए पन्नो को पलटते हैं तो पाते हैँ कि  कई बातें ऐसे ही घट गईं जीवन में।  हम  जितना विश्लेषण करते हैं उतना उलझते जाते हैं। लेकिन हक़ीक़त यही है की जीवन में कुछ भी व्यर्थ नहीं घटित होता। सब विधि का विधान है वह पूर्व निर्धारित होता है। हम जो भी आज हैं वो अपने पूर्व जनम के कर्मो की वज़ह से हैं।  जो भी सफलता या असफलता आज हमारे हिस्से में आई है वो तो होना ही था। हमारे बस में कर्म है हमें वो नहीं छोड़ना चाहिए.... फल पे हमारा कोई जोर नहीं है।

 एक विचारधारा ये है तोह दूसरी विचारधारा ये भी है आप जो चाहेंब्गे वही आपके साथ होगा आपकी सोंच आपका भविष्य निर्धारित करती है।  अगर ये माने तो सिर्फ यही बात समझ में आती है कि सकारात्मक सोंच आपके तक़दीर का रूख बदल सकती है.... हम अपने भाग्य के विधाता खुद हैं। हम जो चाहेंगे वही होगा क्योंकि  अगर आपके सपने में विश्वास का समावेश है तो पूरी कायनात आपके साथ आपके सपने को सच करने में जुट जाएगी.... बशर्ते आपको अपने सपनो के प्रति सच्ची श्रद्धा हो… 

Sunday, 4 January 2015

सुर - ताल [सांस्कृतिक संध्या]

                 सुर - ताल एक सांस्कृतिक संध्या 
जोडियक इंटरटेनमेंट ने नव वर्ष के प्रथम शनिवार यानि ३ जनवरी २०१५ को एस. एन. डी. टी. सभागृह मे  सुर - ताल   सांस्कृतिक संध्या का सफल आयोजन  किया ।   सुर - ताल कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष २०१३ में पूर्वजों को श्रद्धांजलि , अच्छे गीत- संगीत व नृत्य को लोगों तक पहुँचाने एवं नई  प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध  कराने हेतु सुप्रसिद्ध  गीतकार एवं स्थापित वॉइस  ओवर कलाकार  श्री राजेश जौहरी  के संरक्षण  में की गयी। 

इस वर्ष  कार्यक्रम की शुरुआत बेबी सान्वी वर्मा के गणेश वंदना पर कत्थक नृत्य के साथ हुई। बाद में रतिका जौहरी ने अपने कर्णप्रिय आवाज़ से लोगों का दिल मोह लिया। उनके साथ गाने की कमान अक्षत पारिख ने संभाली और अपनी बहुआयामी आवाज़ के जरिये दर्शकों के दिल पर छा गए। 

कार्यक्रम का संचालन प्रतिष्ठित लेखिका श्रीमती अर्चना जौहरी ने बड़ी कुशलता से किया।  अच्छे नृत्य , संगीत एवं गायन के बीच उनकी वाकपटुता  ने लोगों को बंधे रखा। 

राशि जौहरी एवं अमित सोलंकी के नृत्य ग्रुप ने विभिन्न कर्णप्रिय गीतों पे अदभुत नृत्य प्रस्तुत करके दर्शकों को अभिभूत कर दिया। राशि जौहरी एवं अमित की टीम के मोहित भाटिया, राधिका मलप, भव्य शाह, निशिता राठोड एवं वेदांत ने मंच पर बिजली के फुर्ती के साथ लय और ताल का निर्वाह किया , जिससे दर्शक झूम उठे। बेबी सान्वी वर्मा के द्वारा  प्रस्तुत नृत्य "मधुवन में राधिका नाचे रे " को भी दर्शकों ने  बेहद सराहा। 

इस महानगर की  आपा - धापी भरे जीवन में सुर - ताल जैसे कार्यक्रम को दर्शकों तक पहुँचाने के लिए जोडियक एंटरटेनमेंट के साथ - साथ एक्सपर्ट म्यूजिक एण्ड एंटरटेनमेंट  , सुरसंगम इलेक्ट्रॉनिक्स , अलंकार एंटरटेनमेंट  और भाषा अकादमी भी साधुवाद के अधिकारी हैं। ऐसे कार्यक्रम का आयोजन नई प्रतिभाओं को आगे लाने की दिशा में  बेहद सराहनीय प्रयास है। 


संजय वर्मा 

ज़िंदगी अगर सरल होती !

ज़िंदगी अगर सरल होती ।
तो  तुम शायद आज पास होतीं ।

तब हमारा मिलना सहज होता  ।
यूँ  स्वप्न मिलान की विवशता न होती ।

मैं और तुम बातें करने में न झिझकते  ।
और न ही मिलने पर घेरते अपराधबोध  ।

बल्कि प्रसन्नता से हम डूबते उतराते  ।
दूर कहीं मस्त हिलोरों में खो जाते  ।

हम अपनी मंज़िल तलाश कर ।
अपना आशियाँ बसाते  ।

जिसमें गूंजती किलकारियां । 
दमकता तुम्हारा दीपशिखा सा सौन्दर्य ।। 
और हर्षित उल्हासित सा मैं। 

- संजय वर्मा